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अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठन संघर्ष क्षेत्रों में चिकित्सा कर्मियों पर हमलों की वृद्धि पर चेतावनी देते हैं

अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों ने संघर्ष क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर बढ़ते हमलों के बारे में चेतावनी दी है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2286 के बावजूद स्थिति को "मानवीय संकट" बताया।

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अंतर्राष्ट्रीय — इख़बारी समाचार एजेंसी

अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों ने संघर्ष क्षेत्रों में चिकित्सा देखभाल की सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की "विफलता" की कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमलों में वृद्धि के बारे में चेतावनी दी और स्थिति को "मानवीय संकट" बताया। ये चेतावनी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2286 के बावजूद हमलों के बढ़ने के संदर्भ में आई हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं पर हमलों में वृद्धि

वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों ने बताया कि दुनिया भर के संघर्ष क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सा सुविधाएं लगातार निशाना बन रहे हैं। इस स्थिति से पहले से ही नाजुक मानवीय सहायता प्रयासों में बाधा आ रही है और लाखों लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचने से रोका जा रहा है। संगठनों ने इस बात पर जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय कानून स्पष्ट रूप से स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा का प्रावधान करते हैं, फिर भी इस मौलिक सिद्धांत का अक्सर उल्लंघन किया जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी और सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव

स्वास्थ्य संगठनों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से संघर्ष क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने का आह्वान किया। विशेष रूप से, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2286 में स्वास्थ्य और मानवीय सहायता कर्मियों तथा सुविधाओं की सुरक्षा की आवश्यकता को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर स्थिति बिगड़ती जा रही है, जो अंतर्राष्ट्रीय कानून की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाता है और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता को दर्शाता है।

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