सऊदी अरब — इख़बारी समाचार एजेंसी
सऊदी निर्देशक मोहम्मद अल-ज़ौअरी ने पुष्टि की है कि उनकी पहली फ़िल्म "खुशहाल दिन" (यौम सईद) की अलेक्जेंड्रिया लघु फ़िल्म महोत्सव में भागीदारी ने उन्हें मिस्र के दर्शकों के साथ सीधे संवाद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। अल-ज़ौअरी ने बताया कि इस महोत्सव ने उनकी फ़िल्म को एक बड़े दर्शक वर्ग तक पहुँचाने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में मदद की।
महोत्सव में भागीदारी का महत्व
अल-ज़ौअरी के अनुसार, "खुशहाल दिन" की अलेक्जेंड्रिया लघु फ़िल्म महोत्सव में स्क्रीनिंग से न केवल उनकी फ़िल्म को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली, बल्कि इसने निर्देशक को मिस्र के सिनेमा प्रेमियों के साथ व्यक्तिगत रूप से बातचीत करने का भी मौका दिया। इस अनुभव से युवा निर्देशक को कलात्मक और पेशेवर दोनों ही दृष्टियों से मूल्यवान प्रतिक्रियाएँ प्राप्त हुईं।
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विज्ञापन कार्य का योगदान
निर्देशक मोहम्मद अल-ज़ौअरी ने अपनी फ़िल्म "खुशहाल दिन" पर विज्ञापन के क्षेत्र में अपने काम के सकारात्मक प्रभाव पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विज्ञापन उद्योग में प्राप्त अनुभव, विशेष रूप से कहानी कहने और दृश्य संरचना के संदर्भ में, उनकी पहली फ़ीचर फ़िल्म के निर्माण प्रक्रिया में बहुत लाभप्रद साबित हुआ। उन्होंने बताया कि इस अनुभव ने फ़िल्म की कलात्मक गुणवत्ता और तकनीकी दक्षता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।