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Sunday, 01 February 2026
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बुर्किना फासो की जुंटा ने सभी राजनीतिक दलों को भंग किया

देश के बहुदलीय प्रणाली में कथित दुरुपयोग और विभाजन को दूर कर

बुर्किना फासो की जुंटा ने सभी राजनीतिक दलों को भंग किया
Ekhbary Editor
2 days ago
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बुर्किना फासो - इख़बारी समाचार एजेंसी

बुर्किना फासो की जुंटा ने सभी राजनीतिक दलों को भंग किया: देश के बहुदलीय प्रणाली में कथित दुरुपयोग और विभाजन को दूर करने के लिए एक बड़ा कदम

बुर्किना फासो की सैन्य-नेतृत्व वाली सरकार ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक फरमान जारी करते हुए देश के सभी राजनीतिक दलों को भंग कर दिया है। यह निर्णय देश के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ का प्रतीक है, जो नागरिक स्वतंत्रता और राजनीतिक गतिविधियों पर बढ़ते प्रतिबंधों के दौर से गुजर रहा है। सरकार ने इस कदम के पीछे का कारण बताते हुए कहा है कि राजनीतिक दलों की 'अत्यधिक संख्या' ने दुरुपयोग को बढ़ावा दिया है, नागरिकों के बीच विभाजन को बढ़ाया है और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर किया है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब देश पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।

यह नया फरमान राजनीतिक दलों को पूरी तरह से समाप्त कर देता है, जबकि पहले उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन से प्रतिबंधित किया गया था, लेकिन वे आंतरिक रूप से काम कर सकते थे। इस नए निर्णय के तहत, सभी राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है और भंग किए गए दलों की सभी संपत्तियों को राज्य में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस संबंध में एक विधेयक, जिसमें दल के विधान, वित्तपोषण नियमों और विपक्षी नेता के पद को समाप्त करने का प्रस्ताव है, को संक्रमणकालीन परिषद को भेजा जाएगा, जैसा कि कैबिनेट की बैठकों के मिनटों में बताया गया है।

2022 में कैप्टन इब्राहिम ट्रेओरे के नेतृत्व में सत्ता पर कब्जा करने वाली जुंटा ने पहले से ही असंतोष पर नकेल कस रखी है। तख्तापलट से पहले, बुर्किना फासो में 100 से अधिक पंजीकृत राजनीतिक दल थे, जिनमें से 2020 के चुनाव के बाद 15 दलों ने संसद में सीटें हासिल की थीं। यह दर्शाता है कि देश में एक जीवंत, यद्यपि खंडित, बहुदलीय प्रणाली मौजूद थी। हालांकि, जुंटा ने सत्ता संभालने के बाद से राजनीतिक गतिविधियों को सीमित करना शुरू कर दिया था, जिसमें सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगाना भी शामिल था।

आंतरिक मंत्री एमिल ज़र्बो ने कहा कि किसी भी राजनीतिक गतिविधि को रोकने का निर्णय देश के 'राज्य के पुनर्निर्माण' के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। उन्होंने देश की बहुदलीय प्रणाली में 'व्यापक दुरुपयोग और कुप्रबंधन' का हवाला दिया, जिसने शासन को जटिल बना दिया था। ज़र्बो के अनुसार, राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा और कभी-कभी टकराव ने राष्ट्रीय एकता को कमजोर किया और विकास में बाधा डाली। सरकार का मानना ​​है कि राजनीतिक दलों को समाप्त करके, वे एक अधिक एकीकृत और स्थिर राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं, जो वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर ढंग से तैयार होगा।

कैप्टन इब्राहिम ट्रेओरे सितंबर 2022 में एक तख्तापलट के माध्यम से सत्ता में आए थे, जिसमें उन्होंने तत्कालीन सैन्य शासक पॉल-हेनरी सैंडाओगो डैमिबा को बेदखल किया था, जिन्होंने केवल नौ महीने तक शासन किया था। डैमिबा, जिन पर वर्तमान जुंटा द्वारा निर्वासन से तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था, को इसी महीने टोगो से प्रत्यर्पित किया गया था। ट्रेओरे के सत्ता में आने के बाद से, देश में नागरिक स्वतंत्रता पर अंकुश लगा है, और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

इस हालिया फैसले का विश्लेषण करते हुए, राजनीतिक पर्यवेक्षक इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि यह जुंटा की सत्ता को मजबूत करने और किसी भी संभावित राजनीतिक चुनौती को खत्म करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। जबकि सरकार इसे राष्ट्रीय एकता और स्थिरता की ओर एक कदम के रूप में पेश कर रही है, आलोचक इसे लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उल्लंघन और नागरिक अधिकारों का हनन बता रहे हैं। भविष्य में, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह कदम वास्तव में देश में शांति और स्थिरता लाएगा, या यह और अधिक असंतोष और अस्थिरता को जन्म देगा।

बुर्किना फासो, जो पश्चिम अफ्रीका में स्थित है, एक लंबे समय से सुरक्षा संकट से जूझ रहा है, विशेष रूप से देश के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में जिहादी समूहों के बढ़ते प्रभाव से। इन समूहों ने हजारों लोगों की जान ली है और लाखों लोगों को विस्थापित किया है। सेना ने इन विद्रोहों से निपटने के लिए कई बार हस्तक्षेप किया है, जिसके परिणामस्वरूप दो सैन्य तख्तापलट हुए हैं। राजनीतिक दलों को भंग करने का निर्णय इस व्यापक सुरक्षा संदर्भ का हिस्सा हो सकता है, जहां सरकार का मानना ​​है कि राजनीतिक विभाजन देश के सुरक्षा प्रयासों को कमजोर कर रहे हैं।

हालांकि, राजनीतिक विशेषज्ञों का एक वर्ग इस बात पर भी जोर देता है कि राजनीतिक दलों का उन्मूलन अल्पकालिक समाधान हो सकता है और दीर्घकालिक समस्याओं को जन्म दे सकता है। राजनीतिक भागीदारी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। दलों के अभाव में, असंतोष को व्यक्त करने के अन्य, शायद अधिक हिंसक, तरीके उभर सकते हैं। सरकार के लिए यह आवश्यक होगा कि वह नागरिक समाज, पारंपरिक नेताओं और अन्य हितधारकों के साथ संवाद बनाए रखे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश का पुनर्निर्माण समावेशी और न्यायसंगत तरीके से हो।

भंग किए गए राजनीतिक दलों की संपत्तियों का राज्य में हस्तांतरण भी एक विवादास्पद मुद्दा बन सकता है। यह स्पष्ट नहीं है कि इन संपत्तियों का प्रबंधन कैसे किया जाएगा और क्या पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। यह संभव है कि इन संपत्तियों का उपयोग राष्ट्रीय विकास परियोजनाओं में किया जाए, लेकिन यह भी चिंताएं हैं कि इनका दुरुपयोग हो सकता है। सरकार को इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश स्थापित करने की आवश्यकता होगी।

इसके अतिरिक्त, संक्रमणकालीन परिषद को भेजे जाने वाले विधेयक में विपक्षी नेता के पद को समाप्त करने का प्रस्ताव है। यह कदम राजनीतिक व्यवस्था को और अधिक केंद्रीकृत और सत्तावादी बनाने की दिशा में एक और कदम के रूप में देखा जा सकता है। विपक्षी आवाजों को दबाने से सरकार की जवाबदेही कम हो सकती है और सत्ता के दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है।

बुर्किना फासो का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। जुंटा का लक्ष्य राष्ट्रीय एकता और स्थिरता को बहाल करना है, लेकिन यह प्रश्न बना हुआ है कि क्या राजनीतिक दलों को समाप्त करके यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। देश को न केवल सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि आर्थिक विकास और सामाजिक सामंजस्य को बढ़ावा देने की भी आवश्यकता है। इन सभी मोर्चों पर सफलता के लिए एक समावेशी और जवाबदेह शासन संरचना की आवश्यकता होगी। राजनीतिक दलों का उन्मूलन इस दिशा में एक विवादास्पद कदम है, जिसके दीर्घकालिक परिणाम अभी देखे जाने बाकी हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय बुर्किना फासो में इन घटनाओं पर करीब से नजर रख रहा है। कई पश्चिमी देश और क्षेत्रीय संगठन देश में लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करने और नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा करने का आग्रह करते रहे हैं। राजनीतिक दलों के विघटन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बुर्किना फासो की छवि पर असर पड़ सकता है, और यह देश के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है।