सऊदी अरब — इख़बारी समाचार एजेंसी
सऊदी फुटबॉल महासंघ की रेफरी समिति ने अल-अहली के कोच मथियास जैसल और उनके अंग्रेजी स्ट्राइकर इवान टोनी द्वारा बुधवार को अल-फ़ैहा के खिलाफ मैच के बाद दिए गए बयानों से उपजे विवाद को सुलझा लिया है। रोशेन सऊदी लीग के 29वें दौर का यह मैच जेद्दा के किंग अब्दुल्ला स्पोर्ट्स सिटी में अल-इनमा स्टेडियम में खेला गया था, जो 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
रेफरी समिति ने चौथे अधिकारी के खिलाफ दावों को खारिज किया
जैसल और टोनी ने मैच के बाद मीडिया बयानों में आरोप लगाया था कि चौथे अधिकारी, अब्दुल रहमान अल-सुल्तान ने उन्हें स्पष्ट रूप से "एशियाई चैंपियनशिप पर ध्यान केंद्रित करने" के लिए कहा था, जिसका अर्थ था कि अल-अहली सऊदी लीग खिताब की दौड़ से बाहर हो गया था। हालांकि, "अल-रियादिया" अखबार के अनुसार, रेफरी समिति ने ऑडियो रिकॉर्डिंग की समीक्षा की और चौथे अधिकारी को दोषी ठहराने वाला कोई सबूत नहीं पाया, जिससे कोच और खिलाड़ी के दावों का खंडन हो गया।
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विवादास्पद मैच और संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई
अल-अहली और अल-फ़ैहा के बीच का मैच स्वयं कई विवादास्पद रेफरी निर्णयों से चिह्नित था, जिससे मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह तनाव बढ़ गया। जैसल और टोनी के बयानों ने इस विवाद को और हवा दी। यदि उनके बयानों को लीग के मीडिया नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो इवान टोनी को संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जिससे इस विवादास्पद मुकाबले के बाद स्थिति और जटिल हो जाएगी।