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अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन फाइलों के लाखों और पृष्ठ जारी किए, पारदर्शिता पर सवाल बरकरार

न्याय विभाग ने 3.5 मिलियन पृष्ठ, 2,000 वीडियो और 180,000 चित

अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन फाइलों के लाखों और पृष्ठ जारी किए, पारदर्शिता पर सवाल बरकरार
Ekhbary Editor
1 day ago
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संयुक्त राज्य अमेरिका - इख़बारी समाचार एजेंसी

अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन फाइलों के लाखों और पृष्ठ जारी किए, पारदर्शिता पर सवाल बरकरार

अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में जेफरी एपस्टीन से संबंधित लाखों अतिरिक्त दस्तावेज़ों, वीडियो और छवियों को सार्वजनिक करके एक बार फिर से इस हाई-प्रोफाइल मामले को सुर्खियों में ला दिया है। विभाग ने घोषणा की है कि उसने एपस्टीन की गतिविधियों से जुड़े लगभग 3 मिलियन पृष्ठों के दस्तावेज़ों के साथ-साथ 2,000 से अधिक वीडियो और 180,000 चित्र जारी किए हैं। यह कदम अमेरिकी कानून द्वारा निर्धारित पारदर्शिता की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उठाया गया है, लेकिन इस प्रक्रिया की पूर्णता और ईमानदारी पर तुरंत सवाल उठने लगे हैं। कुछ प्रमुख डेमोक्रेटिक राजनेताओं ने चिंता व्यक्त की है कि क्या वास्तव में सभी संबंधित फ़ाइलें सार्वजनिक की गई हैं, जैसा कि कानूनी रूप से अनिवार्य है। यह मामला, जो पहले से ही गहरे षड्यंत्रों और शक्तिशाली व्यक्तियों के संदिग्ध संबंधों से घिरा हुआ है, अब एक नए चरण में प्रवेश कर गया है जहाँ पारदर्शिता बनाम गोपनीयता की बहस और तेज हो गई है।

जेफरी एपस्टीन, एक कुख्यात फाइनेंसर, को नाबालिग लड़कियों की तस्करी और यौन शोषण के आरोपों का सामना करना पड़ा था। 2019 में अपनी गिरफ्तारी के बाद मैनहट्टन की एक जेल में उनकी रहस्यमय मौत ने पूरे देश में गहरे संदेह और षड्यंत्र के सिद्धांतों को जन्म दिया। उनकी मौत को आत्महत्या करार दिया गया था, लेकिन कई लोगों का मानना है कि उन्हें चुप करा दिया गया ताकि वे उन शक्तिशाली व्यक्तियों के नाम उजागर न कर सकें जो उनके यौन तस्करी नेटवर्क में शामिल थे। एपस्टीन के कनेक्शन हॉलीवुड से लेकर वॉल स्ट्रीट और राजनीति तक फैले हुए थे, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, प्रिंस एंड्रयू और कई अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल थीं। उनके निजी द्वीप, लिटिल सेंट जेम्स, जिसे "पेडोफाइल आइलैंड" के नाम से भी जाना जाता है, को उनके आपराधिक उद्यमों का केंद्र माना जाता था। इस मामले की संवेदनशीलता और इसमें शामिल लोगों के उच्च प्रोफाइल ने जनता के बीच सच्चाई और पूर्ण पारदर्शिता की मांग को लगातार बढ़ाया है।

इस पृष्ठभूमि में, "एपस्टीन फ़ाइलें पारदर्शिता अधिनियम" का पारित होना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य सरकार को एपस्टीन से संबंधित सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के लिए बाध्य करना है, ताकि जनता को इस जघन्य अपराध और इसमें शामिल शक्तिशाली व्यक्तियों के बारे में पूरी जानकारी मिल सके। यह अधिनियम कांग्रेस के दोनों सदनों में लगभग सर्वसम्मति से पारित हुआ था, जो इस बात का प्रमाण है कि इस मामले में पूर्ण प्रकटीकरण की मांग कितनी व्यापक थी। दिलचस्प बात यह है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुरुआत में एपस्टीन से संबंधित संघीय सरकारी दस्तावेजों को जारी करने के किसी भी प्रयास का लंबे समय तक विरोध किया था। ट्रम्प और एपस्टीन के बीच 1990 और 2000 के दशक में घनिष्ठ मित्रता थी, जिसने उनके विरोध को और भी विवादास्पद बना दिया था। हालांकि, अधिनियम के पारित होने के बाद, ट्रम्प को अंततः झुकना पड़ा और दस्तावेजों को जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। यह अधिनियम न केवल पीड़ितों के लिए न्याय की दिशा में एक कदम था, बल्कि यह सार्वजनिक जवाबदेही और सरकारी पारदर्शिता के सिद्धांत को भी मजबूत करता है।

अमेरिकी न्याय विभाग के उप महान्यायवादी टॉड ब्लैंच ने शुक्रवार को घोषणा की कि विभाग 3 मिलियन से अधिक पृष्ठों के दस्तावेज़, 2,000 से अधिक वीडियो और 180,000 चित्र जारी कर रहा है। ये फ़ाइलें न्याय विभाग (DOJ) की वेबसाइट पर पोस्ट की गई हैं और इनमें वे लाखों पृष्ठ शामिल हैं जिन्हें अधिकारियों ने दिसंबर में दस्तावेजों की प्रारंभिक रिलीज़ से रोक दिया था। ब्लैंच ने एक समाचार सम्मेलन में इस प्रकटीकरण की घोषणा करते हुए कहा, "आज की रिलीज़ अमेरिकी लोगों के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अधिनियम का अनुपालन करने के लिए एक बहुत ही व्यापक दस्तावेज़ पहचान और समीक्षा प्रक्रिया के अंत का प्रतीक है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य पूर्ण पारदर्शिता प्रदान करना और "एपस्टीन फ़ाइलें पारदर्शिता अधिनियम" की आवश्यकताओं का पालन करना है, जो सरकार को अभियोजन से संबंधित सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के लिए बाध्य करता है। विभाग का दावा है कि यह एक सावधानीपूर्वक और विस्तृत प्रक्रिया का परिणाम है, जिसका उद्देश्य संवेदनशील जानकारी को संतुलित करते हुए अधिकतम जानकारी प्रदान करना है।

हालांकि, विभाग के दावों के बावजूद, कई कांग्रेसी डेमोक्रेट्स इस बात पर जोर दे रहे हैं कि शुक्रवार को जारी की गई फाइलों का जखीरा उन सभी फाइलों का केवल आधा हिस्सा है जिन्हें एकत्र किया गया है। कैलिफोर्निया का प्रतिनिधित्व करने वाले डेमोक्रेट रो खन्ना ने, जो इस अधिनियम के सह-प्रायोजकों में से एक थे, ने इस मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। खन्ना ने कहा, "डीओजे ने 6 मिलियन से अधिक संभावित प्रतिक्रियाशील पृष्ठों की पहचान की थी, लेकिन समीक्षा और संपादन के बाद केवल लगभग 3.5 मिलियन ही जारी कर रहा है।" उनका आरोप है कि विभाग ने जानबूझकर लाखों पृष्ठों को रोक रखा है, जिससे इस मामले में शामिल शक्तिशाली व्यक्तियों को बचाया जा रहा है। खन्ना ने आगे कहा, "इन फाइलों को जारी करने में विफल रहने से केवल उन शक्तिशाली व्यक्तियों को ही बचाया जाएगा जो इसमें शामिल थे और यह हमारी संस्थाओं में जनता के विश्वास को चोट पहुंचाता है।" यह आरोप न्याय विभाग की पारदर्शिता के दावों पर सीधा सवाल उठाता है और सार्वजनिक क्षेत्र में जवाबदेही की मांग को और मजबूत करता है। डेमोक्रेट्स का तर्क है कि यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है, तो उसे बिना किसी अपवाद के सभी संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक करना चाहिए।

दस्तावेजों के नवीनतम संग्रह में एक विशेष खुलासा सामने आया है, जो अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक से संबंधित है। इन फाइलों से पता चलता है कि लटनिक, एपस्टीन के निजी द्वीप पर दोपहर का भोजन करने की योजना बना रहे थे, यह उस समय के कई साल बाद की बात है जब उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने फाइनेंसर के साथ अपने संबंध तोड़ लिए थे। लटनिक और एपस्टीन पहले पड़ोसी थे, और इस नए खुलासे से एपस्टीन के नेटवर्क में शामिल शक्तिशाली व्यक्तियों के संबंधों की जटिलता और निरंतरता पर प्रकाश पड़ता है। यह जानकारी उन दावों को चुनौती देती है कि कई प्रमुख व्यक्ति एपस्टीन की गतिविधियों से अनभिज्ञ थे या उन्होंने उससे दूरी बना ली थी। लिटिल सेंट जेम्स, वह द्वीप जहां एपस्टीन पर लड़कियों की यौन तस्करी का आरोप लगाया गया था, एक बार फिर से शक्तिशाली और कुख्यात के बीच संदिग्ध संबंधों के प्रतीक के रूप में उभरा है। यह खुलासा इस बात पर जोर देता है कि एपस्टीन के मामले में केवल उसके आपराधिक कृत्य ही नहीं, बल्कि उसके व्यापक सामाजिक और राजनीतिक संपर्क भी जांच के दायरे में हैं।

एपस्टीन फाइलों का जारी होना केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक जवाबदेही, न्याय और संस्थागत विश्वास की व्यापक बहस का हिस्सा है। जनता में यह धारणा गहराई से जमी हुई है कि शक्तिशाली और धनी व्यक्तियों को अक्सर उनके अपराधों के लिए जवाबदेह नहीं ठहराया जाता है। एपस्टीन का मामला इस धारणा को पुष्ट करता है, खासकर उनकी मौत के आसपास के रहस्य और अब दस्तावेजों के अधूरे प्रकटीकरण के आरोपों के साथ। यदि न्याय विभाग वास्तव में महत्वपूर्ण फाइलों को रोक रहा है, तो यह न केवल पारदर्शिता अधिनियम का उल्लंघन होगा, बल्कि यह अमेरिकी न्याय प्रणाली में जनता के विश्वास को और कम करेगा। ऐसे समय में जब संस्थाओं पर विश्वास पहले से ही नाजुक है, ऐसे उच्च-प्रोफाइल मामलों में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। पीड़ितों के लिए न्याय और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि सभी तथ्यों को प्रकाश में लाया जाए, चाहे वे कितने भी असुविधाजनक क्यों न हों।

दस्तावेजों की समीक्षा और संपादन की प्रक्रिया जटिल हो सकती है, जिसमें गोपनीयता, राष्ट्रीय सुरक्षा या अन्य कानूनी विचारों को ध्यान में रखा जाता है। हालांकि, रो खन्ना और अन्य डेमोक्रेट्स का तर्क है कि इन विचारों का उपयोग उन शक्तिशाली व्यक्तियों को बचाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए जिनके नाम या संबंध उजागर हो सकते हैं। इस मामले में आगे क्या होगा यह देखना बाकी है। क्या कांग्रेस न्याय विभाग पर शेष फाइलों को जारी करने के लिए और दबाव डालेगी? क्या इन खुलासों से किसी नए कानूनी या आपराधिक जांच की शुरुआत होगी? ये सवाल अमेरिकी न्याय प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए महत्वपूर्ण हैं। एपस्टीन फ़ाइलें केवल एक व्यक्ति के अपराधों के बारे में नहीं हैं; वे शक्ति, विशेषाधिकार और न्याय की खोज के बारे में हैं। जब तक सभी तथ्य सामने नहीं आते, तब तक इस मामले पर संदेह और सवाल बने रहेंगे।

संक्षेप में, अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा एपस्टीन फाइलों के नवीनतम बैच का जारी होना पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन यह पूर्ण प्रकटीकरण की दिशा में एक अधूरी यात्रा प्रतीत होती है। डेमोक्रेटिक राजनेताओं द्वारा उठाए गए सवाल और जारी किए गए दस्तावेजों की संख्या में विसंगति से पता चलता है कि अभी भी बहुत कुछ है जिसे सार्वजनिक किया जाना बाकी है। जनता की निगाहें न्याय विभाग पर टिकी हैं कि वह इस मामले में पूरी सच्चाई और जवाबदेही सुनिश्चित करे। केवल तभी अमेरिकी लोग अपनी संस्थाओं में विश्वास बहाल कर पाएंगे और यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि कोई भी, कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है।